नाड़ी शोधन प्राणायाम – विज्ञान, विधि और लाभ 🧘 प्राणायाम • विज्ञान • साधना नाड़ी शोधन प्राणायाम वैज्ञानिक अध्ययन • करने की विधि • लाभ • सावधानियाँ नीचे पढ़ें " नाड़ी शोधन प्राणायाम — यह केवल एक श्वास-क्रिया नहीं, बल्कि शरीर के प्राण-तंत्र को शुद्ध करने की एक प्राचीन वैज्ञानिक प्रक्रिया है। जब दोनों नासिका छिद्रों से एकांतरित श्वास ली जाती है, तो मस्तिष्क के दोनों गोलार्ध संतुलित होते हैं और तंत्रिका-तंत्र गहरी शांति में आता है। परिचय नाड़ी शोधन क्या है? 'नाड़ी' का अर्थ है ऊर्जा-नलिका (Energy Channel) और 'शोधन' का अर्थ है शुद्धि। इस प्राणायाम में एकांतरित नासिका (Alternate Nostril Breathing) से श्वास ली और छोड़ी जाती है, जिससे शरीर की 72,000 नाड़ियाँ शुद्ध होती हैं। इसे अनुलोम-विलोम का उन्नत रूप भी कहा जाता है। यह प्राणायाम हठयोग प्रदीपिका, घेरण्ड संहिता और पतंजलि योगसूत्र — तीनों में वर्णित है। आधुनिक विज्ञान ने भी इसके प्रभावों की पुष्टि की है। ...
तन, मन और मुक्ति | आध्यात्मिक प्रवचन ॐ ✦ ✦ ✦ आध्यात्मिक प्रवचन तन, मन और मुक्ति — बंधन का असली रहस्य जब तक देह को 'मैं' मानते हैं, तब तक जन्म-मृत्यु का भय रहेगा 📖 सनातन धर्म प्रवचन ⏱ पढ़ने का समय: ७ मिनट जब यह विज्ञान हो जाएगा कि तन और मन जहाँ नहीं — वहाँ कोई दुख नहीं, तो मुक्ति स्वयं मिल जाएगी। — प्रवचन सार इस संसार में हम हर पल किसी न किसी चीज़ से सुखी होते हैं, किसी से दुखी होते हैं। कुछ चीज़ें पाकर प्रसन्न हो जाते हैं और कुछ को देखकर ही मन भारी हो जाता है। लेकिन क्या हमने कभी सोचा कि इस सुख-दुख का मूल कारण क्या है? यह प्रवचन उसी मूल रहस्य को उजागर करता है। दिखाई देने वाली दुनिया और उसका बंधन इस संसार में जो भी हमें दिखाई देता है — वह दो प्रकार का होता है। कुछ हमें प्रिय लगता है, कुछ अप्रिय। जो प्रिय लगता है, उसे हम बचाना चाहते हैं। जो अप्रिय लगता है, उसे दूर करना चाहते हैं। यही इच्छा ही बंधन है। "दिख...